Monday, January 18, 2010

'इनायत-ए-मांजी..'


...


"कलम खुद-ब-खुद..
तस्वीर लहकाती रही..१

साँसे खुद-ब-खुद..
आँगन महकाती रही..२

मदहोशी खुद-ब-खुद..
कसक दहकाती रही..३

मियाद खुद-ब-खुद..
नूर चहकाती रही..४


इश्क-ए-दीदार..
इनायत-ए-मांजी..!"

...

2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

ह्रदय पुष्प said...

उर्दू नहीं जानता, "मांजी" का मतलब भी नहीं पता फिर भी जो समझ आया - बहुत खूब.

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद ह्रदय पुष्प जी..!!