Saturday, February 20, 2010

'हया के बल..'


...

"सौंधी-सौंधी खुशबू..
रूह में क़ैद..
कुछ ऐसे..

पेशानी पर..
चमके..
हया के बल जैसे..!"

...

2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

संगीता पुरी said...

बढिया !!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संगीता जी..!!