Saturday, February 20, 2010

'पानी का कतरा.. '


...

"लटक-झटक..
उलट-पुलट..
चटक-मटक..
शरमा-घबरा..

अब आया है..

देखो..
यह पानी का कतरा..

पुराने बक्से से बाहर..!"

...

3 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

देवेश प्रताप said...

बहुत खूब .....

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद देवेश प्रताप जी..!!

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।