Saturday, February 27, 2010

' निगाहें दो-चार..'



...

"अब तक ना मिले थे तुम..
हुआ था दिल बेज़ार..
कभी फुर्सत से आना ज़रा..
कर लेंगे निगाहें दो-चार..!"

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8 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Amitraghat said...

"अच्छा है........."
प्रणव सक्सैना amitraghat.blogspot.com

देवेश प्रताप said...

वाह ....गज़ब कि पंक्तियाँ ......

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद देवेश प्रताप जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद प्रणब जी..!!

M VERMA said...

बेहतरीन

Udan Tashtari said...

बढ़िया!!

ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
गले लगा लो यार, चलो हम होली खेलें.


आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

-समीर लाल ’समीर’

संजय भास्कर said...

बहुत खूब, लाजबाब !

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद वर्मा जी..!!