Wednesday, May 26, 2010

'शुक्रिया..'


...

"कैसे कर पाऊँगा जुदा..
रूह से..
दिया है जिसने..
शौहरत-ए-वफ़ा..
और..
निगाओं की धार पर..
आवारा-से..
दो पल..

शुक्रिया..
माज़ी..!"

...

17 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

संजय भास्कर said...

एहसास की यह अभिव्यक्ति बहुत खूब

संजय भास्कर said...

मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है

विलुप्त नहीं हुई बस बदल गई हैं पंरंपराएं.......!!!
http://sanjaybhaskar.blogspot.com/2010/05/blog-post_26.html

माधव said...

nice expression

Jandunia said...

NICE

दिलीप said...

waah bahut khoob...

Udan Tashtari said...

वाह! बहुत खूब कहा!

sangeeta swarup said...

बहुत खूबसूरत .....

प्रियंका ,

मेरे ये ब्लोग्स देखना....
http://geet7553.blogspot.com/

http://gatika-sangeeta.blogspot.com/

Gourav Agrawal said...

लाजवाब

अरुणेश मिश्र said...

प्रशंसनीय ।

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद माधव जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद जनदुनिया जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिलीप जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संगीता आंटी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद गौरव अग्रवाल जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद अरुणेश मिश्र जी..!!