Friday, June 11, 2010

'खरीद-फ़रोख्त..'


...

"दाम लगा ना पाया माज़ी..
मेरी मोहब्बत का..
खरीद-फ़रोख्त..
बंद है रूह की अब..!!"

...

8 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

दिलीप said...

waah lajawaab...thoda sa sudhaar anytha na lijiyega...farokht kar dijiye....

माधव said...

nice

Jandunia said...

इस सुंदर पोस्ट के लिए साधुवाद

संजय भास्कर said...

वाह ! कितनी सुन्दर पंक्तियाँ हैं ... मन मोह लिया इस चित्र ने तो !

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिलीप जी..!!



इस त्रुटी के लिए क्षमा चाहते हैं..!! आपके कहे अनुसार संशोधन कर दिया है..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद माधव जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद जनदुनिया जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!