Wednesday, September 29, 2010

'ज़िन्दगी..'




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"खुद को तलाशती..
रूह को खंगालती..
फ़लसफ़ा-ए-ज़िन्दगी..!!"

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2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

M VERMA said...

और शायद यही है जिन्दगी

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद वर्मा जी..!!