Wednesday, March 2, 2011

'यादों के साये..'



...


"अजीब हैं..
यादों के साये..
जब टटोलो..
चुप जाते हैं..
जब छुपाओ..
छलक जाते हैं..!!"

...

4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Er. सत्यम शिवम said...

Nice...aapka jawab nhi,jeevan ka saar kahne ki kshamta hai aapme bas kuch panktiyo me...welldone

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सत्यम शिवम जी..!!

atul said...

दिल के हर उस एहसास को जो महसूस तो होता है पर बयां करना बड़ा मुस्किल है , आप महज कुछ शब्दों में रख लेती है ... वाकई कोई बात है...

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद अतुल जी..!!