Friday, July 15, 2011

'कोटि-कोटि प्रणाम..'




गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आदरणीय गुरुजनों को सादर नमन..!!!


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"रज चरणों की..
भक्ति गुणों की..
सरलता ह्रदय की..
तरलता विषयों की..

सार जीवन का..
भेद आत्मा का..
त्याग विकारों का..
ज्ञान शैली का..

लौ से बहती गंगा..
मोती माणक मनका..
चरित्र निर्माण विशाला..
'गुरु' पद संवारा..

कृतज्ञ हूँ..
गुरुवर..
पा तुमको..

निर्मल बन जाऊं..
कृपादृष्टि..
रखना सदैव..

'तुच्छ' पिपासु का..
कोटि-कोटि प्रणाम..!!!"


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4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

शिखा कौशिक said...

guru parv ki hardik shubhkamnayen .prastut rachna bahut sarahniy hai .aabhar

Vivek Jain said...

बहुत ही सुंदर भाव,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद शिखा कौशिक जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद विवेक जैन जी..!!