Wednesday, June 13, 2012

'मियाद..'





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"पुराने दर्द अब पुराने हो चले..
हर ग़म की मियाद तय होती है..
है ना..!!!"


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4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सार्थक प्रस्तुति!

M VERMA said...

काश मियाद तय हो

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद मयंक साब..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद एम वर्मा जी..!!