Tuesday, November 4, 2014

'रंग दो..'





#‎नवम्बर‬ आ ही गया है..

...

"इक फुहार-सा..
महकाता..
मेरा अंतर्मन..

माइल्ड-सी ठण्ड से..
सहलाता..
मेरा उत्सव..

गुनगुनी-सी धूप से..
चहकाता..
मेरा सृजन..

रंग दो..
मेरी घड़ी..
इस घड़ी..!!"

...

8 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Yashwant Yash said...

कल 06/नवंबर/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
धन्यवाद !

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 6-11-2014 को चर्चा मंच पर चर्चा - 1789 में दिया गया है
आभार

Priyanka Jain said...

धन्यवाद यशवंत जी..!!

सदर आभार..!!

Priyanka Jain said...

धन्यवाद दिलबाग विर्क जी..!!

सदर आभार..!!

Pratibha Verma said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

Digamber Naswa said...

ठंक्द की शुरुआत होने को है ... गुनगुनाहट आने को है ...

Priyanka Jain said...

धनयवाद प्रतिभा वर्मा जी..!!

Priyanka Jain said...

धन्यवाद दिगम्बर नास्वा जी..!!