Wednesday, May 13, 2015

'प्योर शॉट्स..प्यारे थॉट्स..'




...

"ये तेरे मेरे बीच का..
साइलैंस..
क़हर दोनों पे ढाता है..

जानती हूँ..
सोते नहीं हो..
रातों को..
मेरे बिन..

ख़ुशबू..गिरफ़्त..
जाने कैसा ये नाता है..

सदियों को जीया..
जिस-जिस पल..
दर्द अपना..
हर शब सुनाता है..

पैच-अप की गुंजाइश रखना..
लिखा मेरे पास..
नोक-झोंक का खाता है..

पक्के रंग..मोहब्बत वाले..
रंगरेज़ चढ़ा गया जिस्म पे..
फबे जिसपे तेरी छुअन..
रूह का कपड़ा..ऐसा ही आता है..!!"

...

--रॉ..प्योर रॉ..प्योर शॉट्स..प्यारे थॉट्स..

14 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 14 - 05 - 2015 को चर्चा मंच की चर्चा - 1975 में दिया जाएगा
धन्यवाद

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर और भावपूर्ण प्रस्तुति..

Priyanka Jain said...

सादर आभार..दिलबाग विर्क जी..!!

Priyanka Jain said...

हार्दिक धन्यवाद कैलाश शर्मा जी..!!

Shiv Raj Sharma said...

सुन्दर रचना

डॉ. अपर्णा त्रिपाठी said...

ahsaso k potali se lagi aapaki rachna

Priyanka Jain said...

हार्दिक धन्यवाद शिव राज शर्मा जी..!!

Priyanka Jain said...

हार्दिक धन्यवाद डॉ. अपर्णा त्रिपाठी जी..!!

Digamber Naswa said...

बहुत खूबसूरत ख्याल है ...
कभी कभी साईलेंस और करीब ले आता है ...

Madan Mohan Saxena said...

बहुत शानदार आपको बहुत बधाई

Priyanka Jain said...

सादर धन्यवाद दिगंबर नास्वा जी..!!

Priyanka Jain said...

हार्दिक धन्यवाद मदन मोहन सक्सेना जी..!!

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

सुन्दर प्रस्तुति

Priyanka Jain said...

सादर आभार चंद्रभूषण मिश्र 'गाफ़िल' जी..!!