प्रियंकाभिलाषी..
Saturday, February 20, 2010
'पानी का कतरा.. '
...
"लटक-झटक..
उलट-पुलट..
चटक-मटक..
शरमा-घबरा..
अब आया है..
देखो..
यह पानी का कतरा..
पुराने बक्से से बाहर..!"
...
2 comments:
Dev
February 20, 2010 at 3:59 AM
बहुत खूब .....
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संजय भास्कर
March 28, 2010 at 11:19 AM
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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बहुत खूब .....
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
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