अक्सर होता है कि आंधी में पत्ते और बेलें उलझ जाती हैं.कुछ यहाँ भी हुआ है ऐसा ही खामखांबाहर खूबसूरत लिखा है आपने
धन्यवाद संगीता जी..!!
सुन्दर पंक्तियाँ बेहतरीन
ये आपकी खासियत है ......कम शब्दों में भी बहुत कुछ कह देती है ......बहुत सुन्दर रचना
PHOTO SE SAB KUCH SAMJH AA GAYA AAP KE DIL KA HALSHEKHAR KUMAWAT http://kavyawani.blogspot.com/
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
धन्यवाद देवेश प्रताप जी..!!
धनयवाद वर्मा जी..!!
धन्यवाद शेखर कुमावत जी..!!!
वाह...बिल्कुल नपी-तुली बात, सुंदर कविता
in thode shabdo me bahut hi gahari baat kah di hai aapne.bahut khoob,.
धन्यवाद विजयप्रकाश जी..!!
धन्यवाद झरोखा जी..!!
nice one
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
अक्सर होता है कि
ReplyDeleteआंधी में
पत्ते और बेलें
उलझ जाती हैं.
कुछ यहाँ भी
हुआ है ऐसा ही
खामखां
बाहर खूबसूरत लिखा है आपने
धन्यवाद संगीता जी..!!
ReplyDeleteसुन्दर पंक्तियाँ
ReplyDeleteबेहतरीन
ये आपकी खासियत है ......कम शब्दों में भी बहुत कुछ कह देती है ......बहुत सुन्दर रचना
ReplyDeletePHOTO SE SAB KUCH SAMJH AA GAYA AAP KE DIL KA HAL
ReplyDeleteSHEKHAR KUMAWAT
http://kavyawani.blogspot.com/
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
ReplyDeleteधन्यवाद देवेश प्रताप जी..!!
ReplyDeleteधनयवाद वर्मा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद शेखर कुमावत जी..!!!
ReplyDeleteवाह...बिल्कुल नपी-तुली बात, सुंदर कविता
ReplyDeletein thode shabdo me bahut hi gahari baat kah di hai aapne.bahut khoob,.
ReplyDeleteधन्यवाद विजयप्रकाश जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद झरोखा जी..!!
ReplyDeletenice one
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