अच्छा लिखा है ...नुमाइश करनी भी नहीं चाहिए ...गलत है,ज़माने के आगे बेपर्दगी ....नितांत अपने पलों,यादों भावनाओं की...कभी भी नहीं .....और प्यार में तो ...बिलकुल भी नहीं . प्रियंका ....अरमानों के सहेज की जगह अरमानों को सहेज होगा...टाइपिंग की गलती हो गयी है
कमाल का लेखन है। बहुत ही अच्छी कविता।
ReplyDeleteहर एक शब्द हर पंक्तियाँ लाजवाब है! प्रशंग्सनीय प्रस्तुती!
ReplyDeleteअच्छा लिखा है ...नुमाइश करनी भी नहीं चाहिए ...गलत है,ज़माने के आगे बेपर्दगी ....नितांत अपने पलों,यादों भावनाओं की...कभी भी नहीं .....और प्यार में तो ...बिलकुल भी नहीं .
ReplyDeleteप्रियंका ....अरमानों के सहेज की जगह अरमानों को सहेज होगा...टाइपिंग की गलती हो गयी है
शुक्रिया दी..!!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..त्रुटी सुधार कर लिया है..!!
ReplyDeleteशानदार पंक्तिया....
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