Monday, September 12, 2011

'एहसां..'



...


"हासिल..
मोहब्बत-ए-दयार..
एहसां ता-उम्र..
ए हम-ज़लीस..!!!"


...

12 comments:

  1. मोहब्बत में यह एहसां कैसा??????

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  2. आपको अग्रिम हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. हमारी "मातृ भाषा" का दिन है तो आज से हम संकल्प करें की हम हमेशा इसकी मान रखेंगें...
    आप भी मेरे ब्लाग पर आये और मुझे अपने ब्लागर साथी बनने का मौका दे मुझे ज्वाइन करके या फालो करके आप निचे लिंक में क्लिक करके मेरे ब्लाग्स में पहुच जायेंगे जरुर आये और मेरे रचना पर अपने स्नेह जरुर दर्शाए...
    BINDAAS_BAATEN कृपया यहाँ चटका लगाये
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  3. सुन्दर भाव पूर्ण प्रस्तुति...

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  4. सुन्दर अभिव्यक्ति ...

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  5. धन्यवाद मयंक साहब..!!

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  6. धन्यवाद नीलकमल वैष्णव जी..!!

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  7. धन्यवाद महेश्वरी कनेरी जी..!!

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  8. धन्यवाद रेखा जी..!!

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  9. धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!