Thursday, October 6, 2011

' गुज़ारिश..'



...


"महबूब मेरे..
जुल्फों का साया ना कर..
पिघल जाऊं..
बाहों में..
कुछ ऐसी गुज़ारिश कर..!!"



...

7 comments:

  1. मनोभावों को बेहद खूबसूरती से पिरोया है आपने....... हार्दिक बधाई।

    विजयादशमी पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं।

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  2. bahut khub mam..
    jai hind jai bharat

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  3. बहुत खूबसूरत ख्वाहिश ..

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  4. धन्यवाद डॉक्टर सिंह जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!