Tuesday, October 18, 2011

'शामियाना-ए-रंगत..'



...



"तड़प के पुख्ता सबूत मिले..
दीवानगी के ज़िंदा ताबूत मिले..

हर ओर..शामियाना-ए-रंगत..!!!"



...

4 comments:

  1. सही पकड़ा...जहां-जहां...जब -जब मोहब्बत की तड़प सर चढ के बोलती है वहाँ-वहाँ ..तब -तब ...ताबूतों के मिलने की संभावना बढ़ जाती है .

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  2. mam me samajh nahi paya,
    jai hind jai bharat

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  3. धन्यवाद सजन अवारा जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!