Sunday, April 29, 2012

'आसमां ..'




...


"उम्र-भर की तन्हाई..
बाटीं जब तुमने..
सींचा मेरा खोया हुआ बचपन..
जुम्बिश अता करी..
जो सीने को..
भूला सके न कोई..
ऐसा आसमां हो तुम..
मेरा वजूद..
मेरी पहचां हो तुम..!!!"

...

3 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!