
...
"तलाशती रही..
यहाँ-वहाँ..
इधर-उधर..
ऊपर-नीचे..
तुम कहीं न मिले..
SMS कर पूछा..
'कहाँ-कहाँ ढूँढा आपको..'
जवाब कुछ यूँ आया..
'अपने दिल में नहीं देखा होगा..'
निगाहें जाने क्यूँ मुसकायीं..
मानो बांछें खिल आयीं..
लिख भेजा हमने भी..
'हाँ, वहाँ ही अक्सर भूल जाती हूँ..'
उड़ता-उड़ता जवाब आया..
'Careless Fellow .. :P '
हम भी थोड़ा इठलाये..
'अच्छा जी..(ढेर सारे ;-) :P smileys लगाये)'
बैठे हैं अब तलक इंतज़ार में..
ज़ालिम नैटवर्क..हाय कितना सताये..!!"
...
कल 18/08/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
ReplyDeleteधन्यवाद!
ReplyDeleteधन्यवाद मयंक साब..
सादर आभार..!!
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!!
ReplyDeleteसादर आभार..!!
हाय रे नेटवर्क !
ReplyDeletebehtreen....
ReplyDeleteबहुत खूब , सुन्दर चित्रांकन
ReplyDeleteकभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
http://madan-saxena.blogspot.in/
http://mmsaxena.blogspot.in/
http://madanmohansaxena.blogspot.in/
http://mmsaxena69.blogspot.in/
धन्यवाद आशा जोगळेकर जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद मदन मोहन सक्सेना जी..!!
ReplyDelete