Wednesday, October 8, 2014

'तरुवर ..'







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"मेरे भीतर का प्रेम खोज रहा तरुवर लतायें..
पोषित कर दो आज.. सर्वस्त्र घनघोर घटायें..!!"

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--प्रेम का मौसम..

3 comments:

  1. बहुत सुंदर


    शरद का चाँद -------

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  2. धन्यवाद ज्योति खरे जी..!!

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  3. धन्यवाद चिराग जोशी जी..!!

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