
...
"पहली सोच..
आखिरी पड़ाव..
अनमोल..
तहखाना..
ख़जाना..
सौगात..
तस्वीर..
रूह..
इबादत..
ईमान..
अक्स-ए-ज़िन्दगी..
खुशबू का बिछौना..
हम-ज़लीस..
तेरा शुक्रिया..!"
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"पहली सोच..
आखिरी पड़ाव..
अनमोल..
तहखाना..
ख़जाना..
सौगात..
तस्वीर..
रूह..
इबादत..
ईमान..
अक्स-ए-ज़िन्दगी..
खुशबू का बिछौना..
हम-ज़लीस..
तेरा शुक्रिया..!"
...
Gaagar men saagar.
ReplyDelete--------
अंग्रेज़ी का तिलिस्म तोड़ने की माया।
पुरुषों के श्रेष्ठता के 'जींस' से कैसे निपटे नारी?
शुक्रिया ...:).....!!
ReplyDeleteये हम-ज़लीस कहीं हम तो नहीं :)
ReplyDeleteबढ़िया प्रस्तुति.. बधाई !
प्रकाम्या
आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद..
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