इल्जाम लगे अहसास के परिंदों पे बिन बुलाये क्यूँ आते हो ..बहुत सुन्दर रचना .
sundar rachna..
तड़पन के लिए तड़प - वाह वाह बहुत खूब
बहुत बढिया!!
धन्यवाद 'विचारों का दर्पण' जी..!!
धन्यवाद अरशद अली जी..!!
धन्यवाद ह्रदय पुष्प जी..!!
धन्यवाद परमजीत बाली जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
इल्जाम लगे अहसास के परिंदों पे
ReplyDeleteबिन बुलाये क्यूँ आते हो ..
बहुत सुन्दर रचना .
sundar rachna..
ReplyDeleteतड़पन के लिए तड़प - वाह वाह बहुत खूब
ReplyDeleteबहुत बढिया!!
ReplyDeleteधन्यवाद 'विचारों का दर्पण' जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद अरशद अली जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद ह्रदय पुष्प जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद परमजीत बाली जी..!!
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