प्रियंकाभिलाषी..
Monday, March 1, 2010
'लुका-छिपी..'
...
"हर शफ़क़ फैला है..
रंगों का मेला..
हर तरफ लगा है..
अरमानों का ठेला..
हर रूह खिला है..
अमन का रेला..
अब..
बस करो ना..
बहुत हुआ..
लुका-छिपी का झमेला..!!"
...
1 comment:
priyankaabhilaashi
March 8, 2010 at 2:34 AM
धन्यवाद मुंहफट जी..!!
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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धन्यवाद मुंहफट जी..!!
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