Thursday, March 11, 2010

'लालिमा..'



...

"निकाला है..
आईना फिर..
तेरी चाहत का..
अरसे बाद..

लालिमा..
अब तक..
रखती है हुनर..
नज़रें बाँधने का..!"

...

8 comments:

  1. बहुत खुब।

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  2. लालिमा नज़र बाँधने का हुनर रखे न रखे, नज़रों को हुनर आनी चाहिये बँध जाने का.
    सुन्दर
    अन्यथा न लें शायद टंकण की त्रुटि हो : मेरे खयाल से 'निकाला है' की जगह 'निकला है' होना चाहिये.

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  3. धन्यवाद ख्यालात जी..!!

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  4. धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!

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  5. धन्यवाद वर्मा जी..!!

    सुझाव के लिए धन्यवाद..परन्तु यहाँ हमने 'निकाला' ही लिखा है..!!

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  6. behtreen.......
    amitraghat.blogspot.com

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  7. धन्यवाद अमित जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!