Thursday, June 3, 2010

'मौसम-ए-सुकूत..'


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"अक्स माँगता है निशां..
रूह साँसों का समां..

मौसम-ए-सुकूत..रंगीन..!"

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13 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!