प्रियंकाभिलाषी..
Wednesday, September 15, 2010
'आँखें..'
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"काज़ल लुभाती आँखें..
अक्स सुनाती आँखें..
बारहां..रूह उधेड़तीं आँखें..!!"
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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