प्रियंकाभिलाषी..
Friday, September 24, 2010
'मासूमियत की 'लोरी'..'
...
"खिलखिलाती आँखें..
चहकता बचपन..
भोली शैतानियाँ..
टपकता अल्हड़पन..
महँगी हो गयीं है..
अब..
मासूमियत की 'लोरी'..!!"
...
1 comment:
M VERMA
September 24, 2010 at 5:47 PM
मँहगी ही नहीं दुर्लभ हो गयी है
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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मँहगी ही नहीं दुर्लभ हो गयी है
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