सुंदर भावाव्यक्ति अच्छी लगी
भूला गये वजूद बेहतरीन पक्तिया है
जमीँ के आसमां परभुला गये वज़ूदसुन्दर अभिव्यक्ति। शुभकामनायें।
अपके दूसरे ब्लाग पर कमेन्ट नही पोस्ट हो पा रहा। शायद आपने वर्ड वेरिफिकेशन लगा रखी है।
धन्यवाद दीपक सैनी जी..!!
धन्यवाद निर्मला कपिला जी..!!
सुन्दर अभिव्यक्ति। शुभकामनायें।
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
सुंदर भावाव्यक्ति अच्छी लगी
ReplyDeleteभूला गये
ReplyDeleteवजूद
बेहतरीन पक्तिया है
जमीँ के आसमां पर
ReplyDeleteभुला गये वज़ूद
सुन्दर अभिव्यक्ति। शुभकामनायें।
अपके दूसरे ब्लाग पर कमेन्ट नही पोस्ट हो पा रहा। शायद आपने वर्ड वेरिफिकेशन लगा रखी है।
ReplyDeleteधन्यवाद दीपक सैनी जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद निर्मला कपिला जी..!!
ReplyDeleteसुन्दर अभिव्यक्ति। शुभकामनायें।
ReplyDeleteधन्यवाद संजय भास्कर जी..!!!
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