Saturday, November 27, 2010

'इक दाद..'



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"उनकी इक दाद पर मिटा करते हैं..
उनके दीदार पर खिला करते हैं..
जो कह दें ना..बिखर जाएँ..
दीवानगी हर नफ्ज़ जीया करते हैं..!!"


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2 comments:

  1. बहुत खूब ऐसी दिवानगी? बच के रहिये जनाब।आशीर्वाद।

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  2. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका..!! ऐसे ही आते रहा करें..!!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!