शब्द तो साहब आप छांट छांट कर चुनते है, हमारी राय ये है की सोच को थोडा आसान कर लें तो आप जो कहना चाहते है, उसको सरल शब्दों में भी कह पाएंगे और ज्यादा लोग भी आपकी रचना से इत्तेफाक रख पाएंगे ...लिखते रहिये ...
धन्यवाद मज़ाल जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
शब्द तो साहब आप छांट छांट कर चुनते है, हमारी राय ये है की सोच को थोडा आसान कर लें तो आप जो कहना चाहते है, उसको सरल शब्दों में भी कह पाएंगे और ज्यादा लोग भी आपकी रचना से इत्तेफाक रख पाएंगे ...
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धन्यवाद मज़ाल जी..!!
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