बहुत बढ़िया,बड़ी खूबसूरती से कही अपनी बात आपने.....
गुलशन की फ़कत फ़ूलों से नहीं कांटों से भी जीनत होती हैजीने के लिये इस दुनिया में गम की भी जरूरत होती है
सुन्दर शब्द ।
waaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah
धन्यवाद मोहिंदर कुमार जी..!!
धन्यवाद सदा जी..!!
धन्यवाद अलबेला खत्री जी..!!
वाह...बहुत सुन्दर....मुट्ठी भर आसमान...
धन्यवाद शेखर सुमन जी..!!
bahut khoob.... no doubt u r like a flower...
धन्यवाद ओमी दादा.!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
बहुत बढ़िया,
ReplyDeleteबड़ी खूबसूरती से कही अपनी बात आपने.....
गुलशन की फ़कत फ़ूलों से नहीं कांटों से भी जीनत होती है
ReplyDeleteजीने के लिये इस दुनिया में गम की भी जरूरत होती है
सुन्दर शब्द ।
ReplyDeletewaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah
ReplyDeleteधन्यवाद मोहिंदर कुमार जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सदा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद अलबेला खत्री जी..!!
ReplyDeleteवाह...बहुत सुन्दर....
ReplyDeleteमुट्ठी भर आसमान...
धन्यवाद शेखर सुमन जी..!!
ReplyDeletebahut khoob.... no doubt u r like a flower...
ReplyDeleteधन्यवाद ओमी दादा.!!
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