Sunday, November 7, 2010

'करुणा भर देना..'



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"अंतर्मन की पुकार..
सुन लेना..
हे प्रभु..
देखूँ कोई दीन-दुखी..
करुणा भर देना..!!"


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2 comments:

  1. बहुत सुन्दर और मार्मिक

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  2. धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

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