मां ही ईश्वर है और मां से बढकर कोई नहीं
बेहतरीन अभिव्यक्ति , मां के व्यक्तित्व को तराश कर रू-ब-रू कराने के लिये आभार व बधाई।
ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी .
माँ को बहुत अच्छे से परिभाषित किया है
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
मां ही ईश्वर है और मां से बढकर कोई नहीं
ReplyDeleteबेहतरीन अभिव्यक्ति , मां के व्यक्तित्व को तराश कर रू-ब-रू कराने के लिये आभार व बधाई।
ReplyDeleteऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी .
ReplyDeleteमाँ को बहुत अच्छे से परिभाषित किया है
ReplyDeleteधन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
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