Monday, February 21, 2011

'' 'गुणी' आभूषण..''



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"शान्ति की ओढ़नी..
विनम्रता की चूड़ियाँ..
शालीनता की कलाई..
आदर-सत्कार की माला..

'अभिमानी' राक्षस ले गया..
मासूम 'गुणी' आभूषण..!!"


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4 comments:

  1. अभिमान सारे गुणों को पीछे धकेल देता है ...अच्छी सीख देती पंक्तियाँ

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  2. सच में घमंड के सब गुण फीके हो जाते हैं..... सार्थक रचना

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  3. धन्यवाद संगीता आंटी..!!

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  4. धन्यवाद डॉक्टर साहिबा..!!

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