बहुत खूब.... :)
बहुत बढ़िया
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
डूबने वाली कश्ती और बिखरने वाली माला की चाहत रखना ...सबसे अलग !
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ये तलाश तो जीवन भर चलती है--। आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें।
धन्यवाद निर्मला कपिला जी..!!
प्रियंकाभिलाषी जी रंग भरा स्नेह भरा अभिवादन ! आपकी तलाश भी कमाल है … सबसे जुदा , सबसे अलग । हार्दिक बधाई ! ♥ होली की शुभकामनाएं ! मंगलकामनाएं !♥होली ऐसी खेलिए , प्रेम का हो विस्तार ! मरुथल मन में बह उठे शीतल जल की धार !! - राजेन्द्र स्वर्णकार
धन्यवाद राजेन्द्र स्वर्णकार जी..!!
अच्छी रचना.
धन्यवाद द्वारका बाहेती 'द्वारकेश' जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
बहुत खूब.... :)
ReplyDeleteबहुत बढ़िया
ReplyDeleteधन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
ReplyDeleteडूबने वाली कश्ती और बिखरने वाली माला की चाहत रखना ...
ReplyDeleteसबसे अलग !
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ReplyDeleteये तलाश तो जीवन भर चलती है--। आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें।
ReplyDeleteधन्यवाद निर्मला कपिला जी..!!
ReplyDeleteप्रियंकाभिलाषी जी
ReplyDeleteरंग भरा स्नेह भरा अभिवादन !
आपकी तलाश भी कमाल है … सबसे जुदा , सबसे अलग ।
हार्दिक बधाई !
♥ होली की शुभकामनाएं ! मंगलकामनाएं !♥
होली ऐसी खेलिए , प्रेम का हो विस्तार !
मरुथल मन में बह उठे शीतल जल की धार !!
- राजेन्द्र स्वर्णकार
धन्यवाद राजेन्द्र स्वर्णकार जी..!!
ReplyDeleteअच्छी रचना.
ReplyDeleteधन्यवाद द्वारका बाहेती 'द्वारकेश' जी..!!
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