प्रियंकाभिलाषी..
Saturday, April 2, 2011
'रंग चाहत का..'
...
"लिपटे हैं ख्वाब कई..
मेरे आँगन..
सिमटे हैं जज़्बात कई..
मेरे दामन..
आ जाओ ना..
रंग चाहत का उड़ेलने..!!"
...
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!