Sunday, May 22, 2011

' चंचल डाली..'




...


"मासूम भावनाओं से चित्रित..
ह्रदय की चंचल डाली..
थाम..
चुरा ले गए..
शान्ति की हरियाली..
क्षमा करना..
ए-प्रियवर..
बन गए हो..
तुम मेरे स्वाभिमानी..!!"


...

4 comments:

  1. bhut hi kam shabd per bhut hi gahan chintan hai inme... bhut hi sunder....

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  2. धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!

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  3. धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!

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