Saturday, July 9, 2011

'रहम..'

...


"डूबती कश्ती..
सुलगती रूह..

या खुदा..रहम..!!!"


...

9 comments:

  1.  अस्वस्थता के कारण करीब 20 दिनों से ब्लॉगजगत से दूर था
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,

    ReplyDelete
  2. खुदा रहम ज़रूर करेगा...प्रियंका

    ReplyDelete
  3. धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

    ReplyDelete
  4. धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!

    ReplyDelete
  5. धन्यवाद दी..!!! उम्मीद ज़िंदा रखूँगी..!!!

    ReplyDelete
  6. लगता है अन्त:करण की मार्मिक पुकार है.
    सीधे दिल को छू रही है.
    जबरदस्त अभिव्यक्ति.केवल सात शब्दों में
    बहुत अच्छा प्रयोग.

    ReplyDelete
  7. धन्यवाद राकेश कुमार जी..!!!

    ReplyDelete

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!