Tuesday, July 12, 2011

'गम-ए-जुदाई..'


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"बेआबरू हो निकली..
जुस्तजू-ए-वफाई..
रखा महफूज़..
गम-ए-जुदाई..!!!"

...

3 comments:

  1. प्रियंका जी सुन्दर शब्द रचना.
    कम शब्दों में गहन भावाभिव्यक्ति.
    आभार.

    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

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  2. यही प्यार है...

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  3. धन्यवाद राकेश कुमार जी..!!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!