.... जबर्दस्त!!
अस्वस्थता के कारण करीब 20 दिनों से ब्लॉगजगत से दूर थाआप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,
bhut khub....
खुदा रहम ज़रूर करेगा...प्रियंका
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!
धन्यवाद दी..!!! उम्मीद ज़िंदा रखूँगी..!!!
लगता है अन्त:करण की मार्मिक पुकार है.सीधे दिल को छू रही है.जबरदस्त अभिव्यक्ति.केवल सात शब्दों मेंबहुत अच्छा प्रयोग.
धन्यवाद राकेश कुमार जी..!!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
.... जबर्दस्त!!
ReplyDeleteअस्वस्थता के कारण करीब 20 दिनों से ब्लॉगजगत से दूर था
ReplyDeleteआप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,
bhut khub....
ReplyDeleteखुदा रहम ज़रूर करेगा...प्रियंका
ReplyDeleteधन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!!! उम्मीद ज़िंदा रखूँगी..!!!
ReplyDeleteलगता है अन्त:करण की मार्मिक पुकार है.
ReplyDeleteसीधे दिल को छू रही है.
जबरदस्त अभिव्यक्ति.केवल सात शब्दों में
बहुत अच्छा प्रयोग.
धन्यवाद राकेश कुमार जी..!!!
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