
आदरणीया 'दी' के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में..एक छोटी-सी भेंट..!!!
प्रभु जी आपको सुख, समृद्धि, संपन्नता, सद्बुद्धि और ढेर सारी खुशियाँ प्रदान करें..!! आप पर सदैव अपनी कृपादृष्टि बनायें रखें..!!!
...
"खुशियाँ चमकती हैं..
आकाश में जब कभी..
फसलें लहलहाती हैं..
खलियान में जब कभी..
उषा मटमटियाती है..
सुनहरी चादर में जब कभी..
मंज़री गुनगुनाती है..
अमिया-देहरी में जब कभी..
नदिया कलकलाती है..
पाषाण-ह्रदय में जब कभी..
तुम बिखेरती हो..
काजल में रंग..
तुम मलती हो..
पुष्प में गंध..
तुम लुटाती हो..
तारे में अभिलाषा..
तुम सजाती हो..
जीवन में परिभाषा..
धन्य हुई..
पा तुमको..
कृतज्ञपूर्ण वंदन..
कर लो स्वीकार..
इस बावरी को..
'दी'..!!!"
...
'दी' को समर्पित अनुपम प्रस्तुति के लिए आभार.
ReplyDeleteआपके सच्चे और सुन्दर भाव दिल को छूते हैं.
दी... के प्रति अपनी भावाये वयक्त करने के लिए बेहतरीन रचना....
ReplyDeletedi ko jo apne sabdon ki bhent di hai , kabile tarif hai.....behad sundar bhav,,,
ReplyDeletejai hind jai bharat
प्रियंका....तुम्हारी पंक्तियाँ सीधे मेरे दिल तक पहुंची....और मेरे दिल से निकली हरेक दुआ तुम्हारा नाम लेकर निकली....ढेर सारा प्यार ...लाड ...दुलार तुम्हें.जो चाहो ....वो पाओ !!लव यु हमेशा .................
ReplyDeleteधन्यवाद राकेश कुमार जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सजन आवारा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!! बस यूँ ही स्नेह-रस बरसाते रहिएगा..!!!
ReplyDeleteदी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा है आपने।
---------------
कल 03/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
ReplyDeleteदेर से ही सही उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं...
ReplyDeleteअच्छी कविता.....
देर से ही सही उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं...सुन्दर प्रस्तुति...
ReplyDeleteधन्यवाद शेखर सुमन जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद आदरणीया महेश्वरी कनेरी जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद ओजस्वी कौशल जी..!!
ReplyDelete