Friday, August 5, 2011

'इश्तिहार..'




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"क्या खूब अंदाज़-ए-बयान हुआ..
मैं हर ओर नीलाम हुआ..
गुज़रा जब माज़ी की गली..
रूह, जज़्बात, इश्तिहार आम हुआ..!!"


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9 comments:

  1. बहुत ही खुबसूरत....

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  2. Behtreen, acha laga apko padhkar....
    Jai hind jai bharat

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  3. वाह!
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    कल 09/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  4. धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!

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  5. धन्यवाद साजन अवारा जी..!!

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  6. धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!