Tuesday, August 23, 2011

'वफ़ा का वादा..'



...


"थाम लेना दामन..
टूटे मन की डोर..
जब कभी..
मँहगा है..
वफ़ा का वादा भी..
इन दिनों..!!!"


...

9 comments:

  1. गजब कि पंक्तियाँ हैं ...

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  2. धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

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  3. धन्यवाद देवेश प्रताप जी...!!

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  4. बिलकुल सही कहा आपने... और सच को वयक्त भी अच्छे से किया.....

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  5. वफ़ा का वादा ....सच,बहुत महंगा है .

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  6. धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!