in aankhon me utar jaane ko man karta hai
bhaut hi khubsurat rachna...
मन को लुभाती रचना ...सुन्दर...खूबसूरत ...
लाजवाब ... ये आँखें यूँ ही तनहा रहती हैं ..बेहद लाजवाब त्रिवेणी ...
धन्यवाद नारी शक्ति-शाश्वत शक्ति जी..!!
धन्यवाद सागर जी..!!
धन्यवाद महेश्वरी कनेरी जी..!!
धन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
जबरदस्त....ये आँखें.
धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
in aankhon me utar jaane ko man karta hai
ReplyDeletebhaut hi khubsurat rachna...
ReplyDeleteमन को लुभाती रचना ...सुन्दर...खूबसूरत ...
ReplyDeleteलाजवाब ... ये आँखें यूँ ही तनहा रहती हैं ..
ReplyDeleteबेहद लाजवाब त्रिवेणी ...
धन्यवाद नारी शक्ति-शाश्वत शक्ति जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सागर जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद महेश्वरी कनेरी जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
ReplyDeleteजबरदस्त....ये आँखें.
ReplyDeleteधन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!
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