Thursday, September 15, 2011

'समर्पित जीवन..'




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"स्वयं का परिचय..
असंभव कार्य..

दिशा-निर्माण..
प्रभु-चरण-रज..

समर्पित जीवन..
कृतज्ञता का भान..

सेवामयी अभिलाषा..
हर पुस्तक का आधार..

करो स्वीकार वंदन मेरा..
सम्पूर्ण जगत के पालनहार..!!"


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5 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!