Friday, October 14, 2011

' साज़िश..'





...


"करते रहे वफ़ा..
ता-उम्र..
उल्फत-ए-तन्हाई..
ज़िंदा हूँ..
फ़क़त..
कोई साज़िश करो..!!!"


...

6 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!