Friday, October 21, 2011

'राज़-ए-दिल..'





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"राज़-ए-दिल जाने ना कोई..
हम-ज़लीस पहचाने ना कोई..!!"


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5 comments:

  1. अच्छा है...वैसे हम ज़लीस नहीं जानेंगे ..समझेंगे तो फिर कौन?????

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  2. धन्यवाद चन्द्र भूषण मिश्र 'गाफिल' जी..!!

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