सुन्दर अभिवयक्ति....
bhaut khub....
उम्मीद कायम रहे...ज़रूर भीगेगी...सैलाब आये और रूह सूखी रह जाए ऐसा कहाँ होता है .वो सब पाओ जिसकी चाह करो...!!
धन्यवाद सागर जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
सुन्दर अभिवयक्ति....
ReplyDeletebhaut khub....
ReplyDeleteउम्मीद कायम रहे...ज़रूर भीगेगी...सैलाब आये और रूह सूखी रह जाए ऐसा कहाँ होता है .वो सब पाओ जिसकी चाह करो...!!
ReplyDeleteधन्यवाद सागर जी..!!
ReplyDelete