behtareen....kyun khwahishon ko jhoothe nakab pehnaate hai...
बहुत सुन्दर सृजन!
अगर ..इन क्यूँ का जवाब मिल जाए तो कोई परेशान ही न हो...तुम्हें कभी मिले ..तो बताना .
सुंदर अभिव्यक्ति ,बधाई
गहरे भावो की सुन्दर प्रस्तुती.....
रिश्तों को निभाने की कोचिच तो करनी ही चाहिए ... अच्छा लिखा है ...
बहुत बढि़या।
धन्यवाद प्रकाश जैन जी..!!
धन्यवाद दी..!!
धन्यवाद सुनील कुमार जी..!!
धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!
धन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
धन्यवाद सदा जी..!!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
behtareen....
ReplyDeletekyun khwahishon ko
jhoothe nakab pehnaate hai...
बहुत सुन्दर सृजन!
ReplyDeleteअगर ..इन क्यूँ का जवाब मिल जाए तो कोई परेशान ही न हो...तुम्हें कभी मिले ..तो बताना .
ReplyDeleteसुंदर अभिव्यक्ति ,बधाई
ReplyDeleteगहरे भावो की सुन्दर प्रस्तुती.....
ReplyDeleteरिश्तों को निभाने की कोचिच तो करनी ही चाहिए ... अच्छा लिखा है ...
ReplyDeleteबहुत बढि़या।
ReplyDeleteधन्यवाद प्रकाश जैन जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सुनील कुमार जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!
ReplyDeleteधन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सदा जी..!!!
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